| मौत की आहट (गज़लनुमा गीत) मेरा ब्लॉग- http://mktvfilms.blogspot.com/ DOWNLOAD LINK- http://www.4shared.com/audio/ <embed src="http://www.4shared.com/ ================= प्यारे दोस्तों, मैं आज भी संगीत जगत में एक शिष्य ही हूँ, अतः बड़े ही विनम्र भाव से, मैं मेरी एक गज़लनुमा गीत-रचना,मेरे ही स्वरांकन-संगीतबद्ध करके पेश कर रहा हूँ । इस गीत में, उम्र के चलते, मेरे गायन का रियाज़ कम होने की वजह से, अगर कोई कमी महसूस हो तो कृपया मुझे क्षमा करना । गीतकार-स्वरांकन-संगीत-गायक-मा स्वरायोजन-प्रसुन चौधरी. ================= मौत की आहट (गज़लनुमा गीत) ================= हर साँस मे मौत की आहट सुनाई देती है । ज़िंदगी अब तो गिन-गिन के बदला लेती है । १. ज़िंदगी जीने मे जो माहिर माने जाते थे । उनको अब जीने की रीत देखो सिखाई जाती है । हर साँस मे ................... २. बेआबरु न हो कोई, मैं तो खामोश रहता था । कहानी मेरी ही अब मुझ को सुनाई जाती है । हर साँस मे ................... ३. मुआफ़ करना गुस्ताख़ी अगर हो कोई । आखरी ख़्वाहिश सभी से तो पूछी जाती है । हर साँस मे ................... मार्कड दवे । मई -२३.२००९. |
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